Free shipping available

Welcome to Gau Amritam

भारत में पहली बार गौ माता के पांच गव्यों -दूध, छाछ, घृत, गोमय और गौमूत्र को सिद्ध रूप में बनने वाले गव्यसिद्धों द्वारा स्थापित प्रकल्प की अद्भुत देन है गौअमृतम। आयुर्वेद में वर्णित पंचमहाभूत - पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश को गौ माता के पंचगव्यों द्वारा संतुलित करके स्वास्थ्य वर्धन की कल्पना है गौअमृतम।

इसी श्रृंखला को प्रारम्भ करते हुए अग्नि रूपी महाभूत जो पूरे पाचन तंत्र को सम रखता है ,को गौ घृत के विशुद्धतम स्वरूप में आम जनमानस तक पहुचाने का छोटा प्रयास है गौअमृतम गंगातीरी मथनी घृत। गौअमृतम मथनी घृत के माध्यम से ना सिर्फ अग्नि महाभूत संतुलित रहेगा अपितु इस प्रकल्प के माध्यम से विलुप्त हो रही गंगा तीरी गाय को पुनसंवर्धन करके बचाने का मुख्य उद्देश्य है गौअमृतम।

Read More

Our Product

Mathni Ghrit (Ghee)

भारत में पहली बार, मिट्टी की हंडिया में पका बछड़े – बछड़ियों को तृप्त कर वात्सल्य से भरपूर दूध को मिट्टी की हंडिया में गंगातीरी गाय के कंडो की सूक्ष्म आंच पर बेहद धीमी गति से 8-9 घंटे पकाया जाता है । 18 सूक्ष्म पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी दूध में उपलब्ध पोषक तत्वों को बढ़ाकर सोने पर सुहागा जैसा काम करती है ।

Buy Online

"What Client Says"

गर्भावस्था के नौ महीने गौ अमृतं घृत निरंतर खाने से मुझे पूर्ण प्राकृतिक प्रसव हुआ. आज मेरा बच्चा शारीरिक और मानसिक रूप से पूर्ण स्वस्थ है. में तो सभी गर्भिणी महिलाओं से आग्रह करुँगी की वो नौ महीने गौ अमृतं घृत अवश्य खाएं.
गौ अमृतं टीम को हमारी और से हार्दिक शुभकामनायें

श्रीमती राशी गुप्ता (गृहणी )

राजीव भाई की प्रेरणा से शुद्ध गौ अमृतं घृत नौ महीने खाया to प्राकृतिक प्रसव हुआ और प्रसव के उपरांत गौ अमृतं घृत का हरिरा पिया तो मैने फिर से अपनी पुराणी सुन्दरता प्राप्त की और मैं जल्दी ही स्लिम ट्रिम हो गयी. आज में और मेरा बच्चा जीवन का भरपूर आनंद ले रहे हैं.
गौ अमृतं का बहुत आभार

श्रीमती वंशिका जैन (सीईओ , प्राइवेट लिमिटेड कंपनी )

में पिछले पांच महीने से गौ अमृतं घृत रात को देशी गाय के दूध में डालकर पी रहा हूँ. गठिया के कारण बहुत दर्द रहता था किन्तु केवल पांच महीने मे मेरे पैरों को बहुत आराम मिला है. में अब ठीक से चल पाता हूँ और अपने सभी काम स्वयं कर रहा हूँ.
गौ अमृतं को मेरा आशीर्वाद

श्री रमेश तनेजा (व्यवसायी)

मुझे जिम में वर्कआउट करने का बहुत शौक है. पिछले दस साल से जिम करते करते मेरा स्टैमिना गिर रहा था और में लगातार कमजोर हो रहा था. फिर बड़े भाई के कहने पर गौ अमृतं घृत रात को दूध के साथ लेना शुरू किया. केवल तीन महीनो में ही मेरा स्टैमिना आज डबल हो गया है और पहले में चिडचिडा रहता था लेकिन अब सभी कहते हैं की में खुशमिजाज भी हो गया हूँ.
यंग जनरेशन से में कहूँगा की बाज़ार का उटपटांग बिलकुल ना खाएं और रात को दूध के साथ गौ अमृतं शुद्ध घी जरूर खाएं.

थैंक्स गौ अमृतं

श्री धर्मेन्द्र सिंह (जिम ट्रेनर )